श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 10: भगवान के महाप्रकाश लीला का समापन  »  श्लोक 203
 
 
श्लोक  2.10.203 
মুকুন্দে দেখিযা প্রভু হাসে বিশ্বম্ভর
আজ্ঞা হৈল,—“মুকুন্দেরে আনহ সত্বর”
मुकुन्दे देखिया प्रभु हासे विश्वम्भर
आज्ञा हैल,—“मुकुन्देरे आनह सत्वर”
 
 
अनुवाद
मुकुन्द को देखकर भगवान विश्वम्भर मुस्कुराये और आदेश दिया, “तुरंत मुकुन्द को ले आओ।”
 
Seeing Mukunda, Lord Vishvambhar smiled and ordered, “Bring Mukunda immediately.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)