vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 10: भगवान के महाप्रकाश लीला का समापन
»
श्लोक 187
श्लोक
2.10.187
আমরা ত মুকুন্দের দোষ নাহি দেখি
তোমার অভয পাদ-পদ্ম তার সাক্ষী”
आमरा त मुकुन्देर दोष नाहि देखि
तोमार अभय पाद-पद्म तार साक्षी”
अनुवाद
"हमें मुकुन्द में कोई दोष नहीं दिखता। आपके चरणकमल, जो निर्भयता प्रदान करते हैं, इस बात के साक्षी हैं।"
"We find no fault in Mukunda. Your lotus feet, which bestow fearlessness, bear witness to this."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×