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श्लोक 2.10.163  |
অদ্বৈতের সেই সে একান্ত প্রিযতর
এ মর্ম না জানে যত অধম কিঙ্কর |
अद्वैतेर सेइ से एकान्त प्रियतर
ए मर्म ना जाने यत अधम किङ्कर |
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| अनुवाद |
| ऐसा व्यक्ति अद्वैत को सबसे अधिक प्रिय होता है। उसके पतित सेवक इस गोपनीय तथ्य को नहीं जानते। |
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| Such a person is most dear to Advaita. His fallen servants do not know this secret fact. |
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