श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 56
 
 
श्लोक  2.1.56 
সবেই তোলেন পুষ্প কৃষ্ণ-কথা রসে
গদাধর, গোপীনাথ, রামাঞি, শ্রীবাসে
सबेइ तोलेन पुष्प कृष्ण-कथा रसे
गदाधर, गोपीनाथ, रामाञि, श्रीवासे
 
 
अनुवाद
गदाधर, गोपीनाथ, रमाई और श्रीवास सभी ने फूल तोड़ते समय कृष्ण के विषयों पर चर्चा करते हुए दिव्य मधुरता का आनंद लिया।
 
Gadadhara, Gopinatha, Ramai and Srivasa all enjoyed the divine sweetness of discussing Krishna's subjects while plucking flowers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)