श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 55
 
 
श्लोक  2.1.55 
ঊষঃ-কালে উঠিযা সকল ভক্ত-গণ
পুষ্প তুলিবারে আসি’ হৈলা মিলন
ऊषः-काले उठिया सकल भक्त-गण
पुष्प तुलिबारे आसि’ हैला मिलन
 
 
अनुवाद
सुबह उठने के बाद सभी भक्तगण नियमित रूप से वहां फूल इकट्ठा करने के लिए एकत्र होते थे।
 
After waking up in the morning, all the devotees used to gather there regularly to collect flowers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)