श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 409
 
 
श्लोक  2.1.409 
আপনে কীর্তন-নাথ করেন কীর্তন
চৌদিকে বেডিযা গায সব-শিষ্য-গণ
आपने कीर्तन-नाथ करेन कीर्तन
चौदिके बेडिया गाय सब-शिष्य-गण
 
 
अनुवाद
कीर्तन के भगवान ने स्वयं अपनी महिमा का गान किया, जबकि उनके शिष्यों ने उन्हें घेर लिया और सभी ने मिलकर कीर्तन किया।
 
The Lord of Kirtan himself sang his own glories, while his disciples surrounded him and all sang Kirtan together.
तात्पर्य
कीर्तन-नाथ शब्द का अर्थ है "कीर्तन का जनक", "कीर्तन का प्रवर्तक" या "कीर्तन का प्रतिरूप।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)