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श्लोक 2.1.389  |
রুদ্ধ-কণ্ঠ হৈলেন সর্ব-শিষ্য-গণ
আশীর্বাদ করে প্রভু শ্রী-শচীনন্দন |
रुद्ध-कण्ठ हैलेन सर्व-शिष्य-गण
आशीर्वाद करे प्रभु श्री-शचीनन्दन |
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| अनुवाद |
| सभी विद्यार्थियों का कंठ रुँध गया। तब भगवान श्रीशचीनन्दन ने उन सभी को आशीर्वाद दिया। |
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| All the students were choked with emotion. Then Lord Sri Sachinandan blessed them all. |
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