श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 389
 
 
श्लोक  2.1.389 
রুদ্ধ-কণ্ঠ হৈলেন সর্ব-শিষ্য-গণ
আশীর্বাদ করে প্রভু শ্রী-শচীনন্দন
रुद्ध-कण्ठ हैलेन सर्व-शिष्य-गण
आशीर्वाद करे प्रभु श्री-शचीनन्दन
 
 
अनुवाद
सभी विद्यार्थियों का कंठ रुँध गया। तब भगवान श्रीशचीनन्दन ने उन सभी को आशीर्वाद दिया।
 
All the students were choked with emotion. Then Lord Sri Sachinandan blessed them all.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)