श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 374
 
 
श्लोक  2.1.374 
প্রভু বলে,—“ভাই সব! কহিলা সুসত্য
আমার এ-সব কথাঅন্যত্র অকথ্য
प्रभु बले,—“भाइ सब! कहिला सुसत्य
आमार ए-सब कथाअन्यत्र अकथ्य
 
 
अनुवाद
प्रभु ने कहा, “हे मेरे प्रिय भाइयो, जो कुछ तुम ने कहा वह सच है। परन्तु जो कुछ मैंने कहा है, उसे किसी से मत कहना।
 
The Lord said, "My dear brothers, what you have said is true. But do not tell anyone what I have said.
तात्पर्य
वाक्यांश अन्‍यत्र अकथ्‍य का अर्थ है “किसी और को यह बताना अनुचित है।”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)