श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 368
 
 
श्लोक  2.1.368 
শব্দের অশেষ অর্থ—তোমার গোচর
যে বাখান’ হাসি’ তাহা কে দিবে উত্তর?”
शब्देर अशेष अर्थ—तोमार गोचर
ये वाखान’ हासि’ ताहा के दिबे उत्तर?”
 
 
अनुवाद
"आप प्रत्येक शब्द के असीमित अर्थ जानते हैं। आपकी हल्की-फुल्की टिप्पणियों का भी खंडन करने की शक्ति किसमें है?"
 
"You know the infinite meaning of every word. Who has the power to refute even your mildest remarks?"
तात्पर्य
इस पद्य की पहली पंक्ति का अर्थ इस प्रकार समझाया गया है: "केवल आप ही भाषाई साहित्य में सर्वश्रेष्ठ और सर्वाधिक विशेषज्ञ हैं। आप योग, रूढ़ि, योग-रूढ़ि, गौणी, मुख्य, लक्षणा, और अभिधा-1 श्रेणियों में विभिन्न संक्षिप्त व्याख्याओं के माध्यम से शब्दों के अर्थों की व्याख्या करने के लिए सबसे अनुभवी व्यक्ति हैं।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)