श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 368
 
 
श्लोक  2.1.368 
শব্দের অশেষ অর্থ—তোমার গোচর
যে বাখান’ হাসি’ তাহা কে দিবে উত্তর?”
शब्देर अशेष अर्थ—तोमार गोचर
ये वाखान’ हासि’ ताहा के दिबे उत्तर?”
 
 
अनुवाद
"आप प्रत्येक शब्द के असीमित अर्थ जानते हैं। आपकी हल्की-फुल्की टिप्पणियों का भी खंडन करने की शक्ति किसमें है?"
 
"You know the infinite meaning of every word. Who has the power to refute even your mildest remarks?"
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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