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श्लोक 2.1.353  |
সূত্র-বৃত্তি-টীকায বাখান’ কৃষ্ণ মাত্র
বুঝিতে তোমার ব্যাখ্যা কেবা আছে পাত্র? |
सूत्र-वृत्ति-टीकाय वाखान’ कृष्ण मात्र
बुझिते तोमार व्याख्या केबा आछे पात्र? |
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| अनुवाद |
| "आपने समझाया है कि केवल कृष्ण ही सूत्रों, संक्षिप्त व्याख्याओं और भाष्यों का अर्थ हैं। परन्तु आपकी व्याख्याओं को समझने के लिए कौन योग्य है? |
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| “You have explained that Krishna alone is the meaning of the sutras, the paraphrases, and the commentaries. But who is qualified to understand your explanations? |
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