श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 352
 
 
श्लोक  2.1.352 
সূত্র-রূপে কোন্ বৃত্তি করিযে বাখান?”
শিষ্য-বর্গ বলে,—“সবে এক হরি-নাম
सूत्र-रूपे कोन् वृत्ति करिये वाखान?”
शिष्य-वर्ग बले,—“सबे एक हरि-नाम
 
 
अनुवाद
“मैंने सूत्रों का क्या अर्थ समझाया?” विद्यार्थियों ने उत्तर दिया, “आपने सभी में हरि नाम की व्याख्या की है।
 
“What meaning did I explain in the sutras?” The students replied, “You have explained the name Hari in all of them.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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