श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 316
 
 
श्लोक  2.1.316 
বাহ্য পাই’ বিশ্বম্ভর আপনা সম্বরে
সর্ব-গণে চলিলেন গঙ্গা দেখিবারে
बाह्य पाइ’ विश्वम्भर आपना सम्बरे
सर्व-गणे चलिलेन गङ्गा देखिबारे
 
 
अनुवाद
होश में आने पर विश्वम्भर ने अपने आप को संयमित किया और अपने साथियों के साथ गंगा दर्शन के लिए चले गए।
 
After regaining consciousness, Vishvambhar controlled himself and went with his companions to visit Ganga.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)