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श्लोक 2.1.31  |
ভরিল পুষ্পের বন মহাপ্রেম-জলে
মহাশ্বাস ছাডি’ প্রভু ’কৃষ্ণ কৃষ্ণ’ বলে |
भरिल पुष्पेर वन महाप्रेम-जले
महाश्वास छाडि’ प्रभु ’कृष्ण कृष्ण’ बले |
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| अनुवाद |
| पुष्प वाटिका प्रेमाश्रुओं से भर गई और भगवान ने कृष्ण का नाम जपते हुए गहरी आह भरी। |
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| The flower garden was filled with tears of love and the Lord sighed deeply, chanting the name of Krishna. |
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