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श्लोक 2.1.276  |
ইহা জানি’ ভাল-মতে কর’ অধ্যযন
অধ্যযন হৈলে সে বৈষ্ণব-ব্রাহ্মণ |
इहा जानि’ भाल-मते कर’ अध्ययन
अध्ययन हैले से वैष्णव-ब्राह्मण |
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| अनुवाद |
| "यह सब स्मरण रखते हुए, अपने पाठों का उचित ढंग से अभ्यास करो। उचित अध्ययन से ही कोई वैष्णव ब्राह्मण बन सकता है।" |
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| "Keeping all this in mind, practice your lessons properly. Only through proper study can one become a Vaishnava Brahmin." |
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