श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 274
 
 
श्लोक  2.1.274 
উভয-কুলেতে মূর্খ নাহিক তোমার
তুমি ও পরম-যোগ্য ব্যাখানে টীকার
उभय-कुलेते मूर्ख नाहिक तोमार
तुमि ओ परम-योग्य व्याखाने टीकार
 
 
अनुवाद
“आपके मातृकुल या पितृकुल में कोई मूर्ख नहीं है, और आप स्वयं ही भाष्य की व्याख्या करने के लिए सर्वाधिक योग्य हैं।
 
“There is no fool in your maternal or paternal lineage, and you yourself are most qualified to interpret the commentary.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)