vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश
»
श्लोक 274
श्लोक
2.1.274
উভয-কুলেতে মূর্খ নাহিক তোমার
তুমি ও পরম-যোগ্য ব্যাখানে টীকার
उभय-कुलेते मूर्ख नाहिक तोमार
तुमि ओ परम-योग्य व्याखाने टीकार
अनुवाद
“आपके मातृकुल या पितृकुल में कोई मूर्ख नहीं है, और आप स्वयं ही भाष्य की व्याख्या करने के लिए सर्वाधिक योग्य हैं।
“There is no fool in your maternal or paternal lineage, and you yourself are most qualified to interpret the commentary.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×