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श्लोक 2.1.240  |
ভক্তি-হীন-কর্মে কোন ফল নাহি পায
সেই কর্ম ভক্তি-হীন,—পরহিṁসা যায” |
भक्ति-हीन-कर्मे कोन फल नाहि पाय
सेइ कर्म भक्ति-हीन,—परहिꣳसा याय” |
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| अनुवाद |
| "भगवान के प्रति भक्ति से रहित कार्यों का कोई ठोस परिणाम नहीं होता। ऐसी भक्तिहीन गतिविधियों का परिणाम केवल दूसरों के प्रति हिंसा होता है।" |
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| "Actions devoid of devotion to God have no tangible results. Such devotionless activities only result in violence towards others." |
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