श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 231
 
 
श्लोक  2.1.231 
শুন শুন মাতা, জীব-তত্ত্বের সṁস্থান
ভুমিতে পডিলে মাত্র হয আগেযান
शुन शुन माता, जीव-तत्त्वेर सꣳस्थान
भुमिते पडिले मात्र हय आगेयान
 
 
अनुवाद
हे माता, कृपया जीव की स्थिति के बारे में ध्यानपूर्वक सुनें। वह ज़मीन को छूते ही चेतना खो देता है।
 
O Mother, please listen carefully to the condition of the living entity. He loses consciousness as soon as he touches the ground.
तात्पर्य
जीव-तत्त्वेर संस्थान यह मुहावरा भौतिकवादी बद्ध आत्मा की स्थिति या परिस्थिति को दर्शाता है जो कृष्ण को भूल गई है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)