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श्लोक 2.1.218  |
উচিত তাহার এই যোগ্য শাস্তি হয
করিলা ত’ এবে কৃপা কর, মহাশয! |
उचित ताहार एइ योग्य शास्ति हय
करिला त’ एबे कृपा कर, महाशय! |
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| अनुवाद |
| हे प्रभु, आपने मुझे उचित दण्ड तो दे दिया है, किन्तु अब मुझ पर दया कीजिए! |
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| O Lord, you have given me the appropriate punishment, but now have mercy on me! |
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