যস্মিন্ শাস্ত্রে পুরাণে বা হরি-ভক্তির্ ন দৃষ্যতে
শ্রোতব্যṁ নৈব তত্ শাস্ত্রṁ যদি ব্রহ্মা স্বযṁ বদেত্
यस्मिन् शास्त्रे पुराणे वा हरि-भक्तिर् न दृष्यते
श्रोतव्यꣳ नैव तत् शास्त्रꣳ यदि ब्रह्मा स्वयꣳ वदेत्
अनुवाद
“किसी को भी ऐसा कोई शास्त्र या पुराण नहीं सुनना चाहिए जिसमें हरि की भक्ति का स्पष्ट वर्णन न हो, भले ही वह चतुर्मुख भगवान ब्रह्मा द्वारा ही क्यों न गाया गया हो।
“One should not listen to any scripture or Purana that does not clearly describe devotion to Hari, even if it is sung by the four-faced Lord Brahma.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥