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श्लोक 2.1.190  |
বিশ্বক্সেনেরে তবে করি’ নিবেদন
অনন্ত-ব্রহ্মাণ্ড-নাথ করেন ভোজন |
विश्वक्सेनेरे तबे करि’ निवेदन
अनन्त-ब्रह्माण्ड-नाथ करेन भोजन |
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| अनुवाद |
| असंख्य ब्रह्माण्डों के स्वामी विश्वक्सेन को भोजन कराकर स्वयं भोजन करने लगे। |
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| After feeding Vishvaksena, the lord of countless universes, he himself started eating. |
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