श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  2.1.19 
লক্ষ্মীর জনক কুলে আনন্দ উঠিল
পতি-মুখ দেখিযা লক্ষ্মীর দুঃখ গেল
लक्ष्मीर जनक कुले आनन्द उठिल
पति-मुख देखिया लक्ष्मीर दुःख गेल
 
 
अनुवाद
लक्ष्मी के पिता का परिवार बहुत प्रसन्न हुआ और अपने पति का मुख देखते ही लक्ष्मी का दुःख दूर हो गया।
 
Lakshmi's father's family was very happy and Lakshmi's sorrow went away as soon as she saw her husband's face.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)