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श्लोक 2.1.156  |
এই-মত সকল-শাস্তের অভিপ্রায
ইহাতে সন্দেহ যার, সে-ই দুঃখ পায |
एइ-मत सकल-शास्तेर अभिप्राय
इहाते सन्देह यार, से-इ दुःख पाय |
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| अनुवाद |
| "यही सभी धर्मग्रंथों का तात्पर्य है। जो कोई इस तथ्य पर संदेह करता है, वह दुःख भोगता है।" |
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| "This is the meaning of all scriptures. Whoever doubts this fact suffers." |
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