श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 126
 
 
श्लोक  2.1.126 
আইলেন শ্রী-মুকুন্দ-সঞ্জযের ঘরে
আসিযা বসিলা চণ্ডী-মণ্ডপ-ভিতরে
आइलेन श्री-मुकुन्द-सञ्जयेर घरे
आसिया वसिला चण्डी-मण्डप-भितरे
 
 
अनुवाद
इसके बाद भगवान मुकुन्द संजय के घर गए, जहाँ वे चण्डीमण्डप में बैठ गए।
 
After this, Lord Mukunda went to Sanjay's house, where he sat in the Chandi Mandap.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)