श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 120
 
 
श्लोक  2.1.120 
কথঞ্চিত্ বাহ্য প্রকাশিযা বিশ্বম্ভর
চলিলেন গঙ্গাদাস পণ্ডিতের ঘর
कथञ्चित् बाह्य प्रकाशिया विश्वम्भर
चलिलेन गङ्गादास पण्डितेर घर
 
 
अनुवाद
आंशिक बाह्य चेतना में लौटकर विश्वम्भर गंगादास पंडित के घर गए।
 
Returning to partial external consciousness, Vishwambhar went to Ganga Das Pandit's house.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)