श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 112
 
 
श्लोक  2.1.112 
শুনিযা অপূর্ব প্রেম সবেই বিস্মিত
কেহ বলে,—“ঈশ্বর বা হৈলা বিদিত”
शुनिया अपूर्व प्रेम सबेइ विस्मित
केह बले,—“ईश्वर वा हैला विदित”
 
 
अनुवाद
वे सभी प्रेम के इस अद्भुत प्रदर्शन को सुनकर आश्चर्यचकित हो गए। उनमें से कुछ ने कहा, "शायद परमपिता परमेश्वर प्रकट हो गए हैं।"
 
They were all astonished to hear this amazing display of love. Some of them said, “Perhaps Almighty God has appeared.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)