श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  2.1.10 
গযা করি’ আইলেন শ্রী-গৌরসুন্দর
পরিপূর্ণ ধ্বনি হৈল নদীযা-নগর
गया करि’ आइलेन श्री-गौरसुन्दर
परिपूर्ण ध्वनि हैल नदीया-नगर
 
 
अनुवाद
जैसे ही श्री गौरसुन्दर गया से लौटे, सम्पूर्ण नदिया नगरी इस समाचार से भर गयी।
 
As soon as Shri Gaursundar returned from Gaya, the entire city of Nadia was filled with this news.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)