श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 9: नित्यानंद की बाल्य लीलाएँ और पवित्र स्थलों की यात्रा  »  श्लोक 90
 
 
श्लोक  1.9.90 
নিত্যানন্দ-মহাপ্রভু উঠিলা তখনে
দেখি’ পিতা-মাতা আদি হাসে সর্ব-জনে
नित्यानन्द-महाप्रभु उठिला तखने
देखि’ पिता-माता आदि हासे सर्व-जने
 
 
अनुवाद
उसी क्षण भगवान नित्यानंद को होश आ गया, जिससे उनके माता-पिता और वहां उपस्थित अन्य लोग राहत की सांस लेकर मुस्कुराये।
 
At that very moment Lord Nityananda regained consciousness, causing his parents and others present there to smile with relief.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)