নিত্যানন্দ-মাধবেন্দ্র, দুই-দরশন
যে শুনযে, তা’রে মিলে কৃষ্ণ-প্রেম-ধন
नित्यानन्द-माधवेन्द्र, दुइ-दरशन
ये शुनये, ता’रे मिले कृष्ण-प्रेम-धन
अनुवाद
जो कोई भी नित्यानंद प्रभु और माधवेंद्र पुरी के बीच की मुलाकात के बारे में इन विषयों को सुनता है, वह निश्चित रूप से कृष्ण के लिए प्रेम की संपत्ति प्राप्त करेगा।
Whoever listens to these stories about the meeting between Nityananda Prabhu and Madhavendra Puri will certainly acquire the wealth of love for Krishna.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥