श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 9: नित्यानंद की बाल्य लीलाएँ और पवित्र स्थलों की यात्रा  »  श्लोक 155
 
 
श्लोक  1.9.155 
মাধবেন্দ্র-পুরী প্রেম-ময-কলেবর
প্রেম-ময যত সব সঙ্গে অনুচর
माधवेन्द्र-पुरी प्रेम-मय-कलेवर
प्रेम-मय यत सब सङ्गे अनुचर
 
 
अनुवाद
श्री माधवेन्द्र पुरी का शरीर भगवान के प्रति परमानंद प्रेम से ओतप्रोत है, और उनके अनुयायी भी उसी भावना से युक्त हैं।
 
Sri Madhavendra Puri's body is filled with ecstatic love for the Lord, and his followers are also filled with the same feeling.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)