vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 9: नित्यानंद की बाल्य लीलाएँ और पवित्र स्थलों की यात्रा
»
श्लोक 113
श्लोक
1.9.113
তবে প্রভু মদন-গোপাল নমস্কারি’
চলিলা হস্তিনাপুর পাণ্ডবের পুরী
तबे प्रभु मदन-गोपाल नमस्कारि’
चलिला हस्तिनापुर पाण्डवेर पुरी
अनुवाद
नित्यानंद ने मदनगोपाल को प्रणाम किया और फिर पांडवों के निवास स्थान हस्तिनापुर चले गए।
Nityananda bowed to Madanagopala and then went to Hastinapur, the residence of the Pandavas.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×