श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 8: जगन्नाथ मिश्र का तिरोभाव  »  श्लोक 85
 
 
श्लोक  1.8.85 
মিশ্র বোলে,—“কৃষ্ণ, তুমি রক্ষিতা সবার
পুত্র-প্রতি শুভ-দৃষ্টি করিবা আমার
मिश्र बोले,—“कृष्ण, तुमि रक्षिता सबार
पुत्र-प्रति शुभ-दृष्टि करिबा आमार
 
 
अनुवाद
जगन्नाथ मिश्र ने प्रार्थना की, "हे कृष्ण, आप सबके रक्षक हैं। कृपया मेरे पुत्र पर कृपा दृष्टि डालें। हे कृष्ण! आप मेरे पुत्र पर कृपा करें।"
 
Jagannatha Mishra prayed, "O Krishna, You are the protector of all. Please look kindly upon my son. O Krishna! Please have mercy upon my son."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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