श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 8: जगन्नाथ मिश्र का तिरोभाव  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  1.8.5 
বাল্য-ক্রীডা-নাম যত আছে পৃথিবীতে
সকল খেলায প্রভু, কে পারে কহিতে?
बाल्य-क्रीडा-नाम यत आछे पृथिवीते
सकल खेलाय प्रभु, के पारे कहिते?
 
 
अनुवाद
प्रभु बचपन में दुनिया भर के हर तरह के खेलों का आनंद लेते थे। उन सबका वर्णन कौन कर सकता है?
 
As a child, the Lord enjoyed all kinds of games around the world. Who can describe them all?
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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