श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 8: जगन्नाथ मिश्र का तिरोभाव  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  1.8.24 
হেন-মতে বৈকুণ্ঠ-নাযক শচী-ঘরে
বেদের নিগূঢ নানা-মত ক্রীডা করে
हेन-मते वैकुण्ठ-नायक शची-घरे
वेदेर निगूढ नाना-मत क्रीडा करे
 
 
अनुवाद
इस प्रकार वैकुण्ठ के स्वामी ने शची के घर में अनेक लीलाएँ कीं, जो वेदों में अज्ञात हैं।
 
Thus the Lord of Vaikuntha performed many pastimes in the house of Sachi, which are unknown in the Vedas.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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