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श्लोक 1.8.14  |
শোভিল শ্রী-অঙ্গে যজ্ঞ-সূত্র মনোহর
সূক্ষ্ম-রূপে ’শেষ’ বা বেডিলা কলেবর |
शोभिल श्री-अङ्गे यज्ञ-सूत्र मनोहर
सूक्ष्म-रूपे ’शेष’ वा वेडिला कलेवर |
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| अनुवाद |
| उस मनमोहक धागे ने भगवान के शरीर को इस प्रकार सुशोभित किया, मानो अनंत शेष ने सूक्ष्म रूप में उनके शरीर को घेर रखा हो। |
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| That enchanting thread adorned the Lord's body as if Ananta Sesha had surrounded His body in a subtle form. |
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