| श्री चैतन्य भागवत » खण्ड 1: आदि-खण्ड » अध्याय 8: जगन्नाथ मिश्र का तिरोभाव » श्लोक 108 |
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| | | | श्लोक 1.8.108  | এই-মত পরম উদার দুই জন
নানা কথা কহে, পুত্র স্নেহের কারণ | एइ-मत परम उदार दुइ जन
नाना कथा कहे, पुत्र स्नेहेर कारण | | | | | | अनुवाद | | इस प्रकार परम श्रेष्ठ दम्पति ने अपने पुत्र के प्रति स्नेहवश विभिन्न विषयों पर चर्चा की। | | | | Thus, the most excellent couple, out of affection for their son, discussed various topics. | | ✨ ai-generated | | |
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