vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 7: श्री विश्वरूप का संन्यास ग्रहण
»
श्लोक 63
श्लोक
1.7.63
মোহিযা সবার চিত্ত প্রভু বিশ্বম্ভর
অগ্রজে লৈলা চলিলেন নিজ-ঘর
मोहिया सबार चित्त प्रभु विश्वम्भर
अग्रजे लैला चलिलेन निज-घर
अनुवाद
इस प्रकार सबके हृदयों को मोहित करके भगवान विश्वम्भर अपने बड़े भाई के साथ घर लौट आये।
Thus, having captivated everyone's hearts, Lord Vishvambhar returned home with his elder brother.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×