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श्लोक 1.7.4  |
নিরন্তর চপলতা করে সবা-সনে
মা’যে শিখালেও প্রবোধ নাহি মানে |
निरन्तर चपलता करे सबा-सने
मा’ये शिखालेओ प्रबोध नाहि माने |
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| अनुवाद |
| भगवान् निरन्तर उत्पात मचाते रहते थे। अपनी माता के आदेश पर भी वे नहीं रुकते थे। |
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| The Lord was constantly creating havoc. He did not stop even when his mother commanded him to. |
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