श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री विश्वरूप का संन्यास ग्रहण  »  श्लोक 183
 
 
श्लोक  1.7.183 
প্রভু বোলে,—“যদি মোরে না দেহ’ পডিতে
তবে মুঞি নাহি যাঙ,—কহিলুঙ্ তোমাতে”
प्रभु बोले,—“यदि मोरे ना देह’ पडिते
तबे मुञि नाहि याङ,—कहिलुङ् तोमाते”
 
 
अनुवाद
प्रभु ने उत्तर दिया, “मैं तुमसे कहता हूं, यदि तुम मुझे अध्ययन करने की अनुमति नहीं दोगे, तो मैं यह स्थान नहीं छोडूंगा।”
 
The Lord replied, “I tell you, if you do not allow me to study, I will not leave this place.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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