श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री विश्वरूप का संन्यास ग्रहण  »  श्लोक 117
 
 
श्लोक  1.7.117 
দেখিযা অপূর্ব বুদ্ধি সবেই প্রশṁসে
সবে বোলে,—“ধন্য পিতা-মাতা হেন বṁশে”
देखिया अपूर्व बुद्धि सबेइ प्रशꣳसे
सबे बोले,—“धन्य पिता-माता हेन वꣳशे”
 
 
अनुवाद
सभी ने उसकी अद्भुत बुद्धि की प्रशंसा की और कहा, “वह पिता और माता गौरवशाली हैं जिनके पास ऐसा पुत्र है।”
 
Everyone praised his wonderful intelligence and said, “Glorious are the father and mother who have such a son.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)