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श्लोक 1.7.114  |
নিরবধি থাকে পিতা-মাতার সমীপে
দুঃখ পাসরযে যেন জননী-জনকে |
निरवधि थाके पिता-मातार समीपे
दुःख पासरये येन जननी-जनके |
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| अनुवाद |
| वह सदैव अपने माता-पिता के पास रहते थे ताकि उन्हें अपने कष्टों से कुछ राहत मिल सके। |
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| He always stayed with his parents so that they could get some relief from their sufferings. |
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