श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री विश्वरूप का संन्यास ग्रहण  »  श्लोक 112
 
 
श्लोक  1.7.112 
এত বোলি’ প্রভু শিশু-সঙ্গে ধাঞা যায
তথাপি না জানে কেহ প্রভুর মাযায
एत बोलि’ प्रभु शिशु-सङ्गे धाञा याय
तथापि ना जाने केह प्रभुर मायाय
 
 
अनुवाद
यह कहकर भगवान् बालकों को लेकर भाग गए। परन्तु उनके प्रभाव से कोई उन्हें पहचान न सका।
 
Having said this, the Lord fled with the children. But due to his charisma, no one could recognize him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)