| श्री चैतन्य भागवत » खण्ड 1: आदि-खण्ड » अध्याय 7: श्री विश्वरूप का संन्यास ग्रहण » श्लोक 111 |
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| | | | श्लोक 1.7.111  | “কি কার্যে আইলা, বাপ?” বোলে ভক্ত-গণে
প্রভু বোলে,—“তোমরা ডাকিলা মোরে কেনে?” | “कि कार्ये आइला, बाप?” बोले भक्त-गणे
प्रभु बोले,—“तोमरा डाकिला मोरे केने?” | | | | | | अनुवाद | | भक्तों ने उनसे पूछा, “आप यहाँ क्यों आये हैं?” भगवान ने उत्तर दिया, “तुमने मुझे क्यों बुलाया?” | | | | The devotees asked him, “Why have you come here?” The Lord replied, “Why did you call me?” | | ✨ ai-generated | | |
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