vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 7: श्री विश्वरूप का संन्यास ग्रहण
»
श्लोक 104
श्लोक
1.7.104
এবে বড বাসোঙ্ মুঞি হৃদযে উল্লাস
হেন বুঝি,—’কৃষ্ণচন্দ্র করিলা প্রকাশ’
एबे बड वासोङ् मुञि हृदये उल्लास
हेन बुझि,—’कृष्णचन्द्र करिला प्रकाश’
अनुवाद
“अभी भी मैं हृदय में अत्यन्त प्रसन्न हूँ, अतः मैं समझ सकता हूँ कि श्रीकृष्णचन्द्र पहले ही आ चुके हैं।
“Even now I am very happy in my heart, so I can understand that Shri Krishnachandra has already come.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×