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श्लोक 1.5.4  |
বাপের বচন শুনি’ ঘরে ধাঞা যায
রুণুঝুনু করিযে নূপুর বাজে পা’য |
बापेर वचन शुनि’ घरे धाञा याय
रुणुझुनु करिये नूपुर बाजे पा’य |
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| अनुवाद |
| अपने पिता के शब्द सुनकर विश्वम्भर दौड़कर कमरे में आये और उनके चलते समय घुंघरूओं की ध्वनि सुनाई दी। |
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| Hearing his father's words, Vishvambhar ran into the room and the sound of anklets was heard as he walked. |
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