श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 4: नाम-करण समारोह, बचपन की लीलाएँ, और चोरों का भगवान को हरना  »  श्लोक 136
 
 
श्लोक  1.4.136 
সবে জিজ্ঞাসেন,—“বাপ, কেহ ত’ নিমাই?
কে তোমারে আনিল পাইযা কোন্ ঠাঞি?”
सबे जिज्ञासेन,—“बाप, केह त’ निमाइ?
के तोमारे आनिल पाइया कोन् ठाञि?”
 
 
अनुवाद
सभी ने निमाई से पूछा, "प्रिय बालक, कृपया हमें बताओ कि तुम्हें यहाँ कौन लाया? उसने तुम्हें कहाँ पाया?"
 
Everyone asked Nimai, "Dear child, please tell us who brought you here? Where did he find you?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)