यह दिन भक्ति का भंडार है और इसलिए परम पवित्र है, क्योंकि ब्राह्मणों में श्रेष्ठ भगवान इसी दिन प्रकट हुए थे।
This day is a storehouse of devotion and is therefore extremely sacred, because the Lord, the best among Brahmins, appeared on this day.
तात्पर्य
भगवान ब्रह्मा जी आदि देवतागण भी फाल्गुन मास में प्रदोष काल में चंद्रोदय होने पर श्री चैतन्य के अवतरण तिथि को पूजते थे। फाल्गुन मास की पूर्णिमा रात्रि आध्यात्मिक रात्रि होती है जो शुद्धसत्वमयी एवं साक्षाद् भक्ति-स्वरूपिणी होती है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥