श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 3: भगवान के कुंडली की गणना  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  1.3.36 
চির-কাল পৃথিবীতে করহ প্রকাশ
অতএব ’চিরাযু’ বলিযা হৈল হাস
चिर-काल पृथिवीते करह प्रकाश
अतएव ’चिरायु’ बलिया हैल हास
 
 
अनुवाद
वह चाहती थी कि भगवान हमेशा इस पृथ्वी ग्रह पर रहें, इसलिए उन्होंने मुस्कुराते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया, "आप दीर्घायु हों।"
 
She wanted the Lord to live forever on this planet Earth, so she smiled and blessed him, "May you live long."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)