श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 3: भगवान के कुंडली की गणना  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  1.3.33 
তত-ক্ষণে আইল সকল বাদ্যকার
মৃদঙ্গ, সানাই, বṁশী বাজযে অপার
तत-क्षणे आइल सकल वाद्यकार
मृदङ्ग, सानाइ, वꣳशी बाजये अपार
 
 
अनुवाद
उस समय विभिन्न संगीतकार आये और उत्साहपूर्वक मृदंग, सानी और बांसुरी बजाने लगे।
 
At that time various musicians came and started playing Mridang, Sani and Flute enthusiastically.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd