श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 3: भगवान के कुंडली की गणना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  1.3.24 
লগ্নে যত কহে শুভ লক্ষণ ইহান
কার শক্তি আছে তাহা করিতে ব্যাখ্যান?
लग्ने यत कहे शुभ लक्षण इहान
कार शक्ति आछे ताहा करिते व्याख्यान?
 
 
अनुवाद
“इस बालक की कुंडली के भावों में जो शुभ लक्षण हैं, उन्हें बताने की शक्ति किसमें है?
 
“Who has the power to tell the auspicious signs in the houses of this child's horoscope?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)