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श्लोक 1.2.96  |
সেই নবদ্বীপে বৈসে পণ্ডিত শ্রীবাস
যাঙ্হার মন্দিরে হৈল চৈতন্য-বিলাস |
सेइ नवद्वीपे वैसे पण्डित श्रीवास
याङ्हार मन्दिरे हैल चैतन्य-विलास |
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| अनुवाद |
| श्रीवास पंडित नवद्वीप में निवास करते थे। भगवान चैतन्य ने उनके घर में अनेक लीलाएँ कीं। |
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| Srivasa Pandita lived in Navadvipa. Lord Chaitanya performed many pastimes in his house. |
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